Friday, March 7, 2025

29 मार्च 2025 शनिवार को अमावस्या पर खण्डग्रास सूर्य ग्रहण


      29 मार्च 2025 शनिवार को अमावस्या पर खण्डग्रास सूर्य ग्रहण दिखाई देगा l यह खण्डग्रास सूर्य ग्रहण चैत्र अमावस्या शनिवार 29 मार्च 2025 ई को भारतवर्ष मानक समय अनुसार दोपहर दो बजकर 21 मिनट से सायं 18 बजकर 10 मिनट तक होगा l 

 भारतवर्ष में खण्डग्रास सूर्य ग्रहण दिखाई नहीं देगा l यह यूरोप के कुछ देशों में, उत्तर पश्चिमी देश अफ्रीका और उत्तरी अमेरिका के पूर्वी क्षेत्रों में, रूस के उत्तरी भाग में,  दक्षिण अमेरिका के उत्तरी भाग, एटलांटिक और आर्कटिक महासागर में दिखाई देगा l  

मुख्य  देशों में आस्ट्रेलिया और कनाडा के पूर्वी भाग डेनमार्क, फ्रांस, जर्मनी, ग्रीनलैण्ड, हंगरी और इटली, स्पेन, यूक्रेन, इंग्लैंड , अमेरिका के पूर्वी भाग में, पुर्तगाल, स्वीडन ,नॉर्वे, उत्तरी रूस में दिखाई देगा l

     29 मार्च 2025 को आकाश मंडल में ग्रहों की स्थिति बनी हुई है और यहां पर उसका उल्लेख किया गया है कि सूर्य और चंद्रमा दोनों ही मीन राशि में स्थित हैं l मीन राशि में छै ग्रहों की योग बन रहा हैं  l 

     उत्तराभाद्रपदा नक्षत्र में चार ग्रह स्थित हैं और गुरु राशि के स्वामी हैं और नक्षत्रपति शनि देव हैं l

    मीन राशि काल पुरुष की अन्तिम पड़ाव पर है l मृत्यु शय्या पर के पिछले पांव माना जाता हैं l जो कि इस लोक को छोड़ कर परलोक सिधार का संकेत देता  हैं l प्रलय आने वाली हैं l विश्व युद्ध होने वाली हैं l जैसा 1962 में युद्ध हुआ था l इसके मुख्य देव श्री शिव जी हैं l जो सर्पों की माला पहने हुए रहते हैं l पित्त कारक नक्षत्र माना जाता हैं और पृथ्वी के केंद्र भाग से है जो कि सर्वदा गरम भाग हैं और पृथ्वी में ज्वाला मुखी फटने पर बाहर निकलने को व्याकुल रहता है l  शनि और राहु दोनों ही ग्रह पूर्वाभाद्रपद नक्षत्र में स्थित हैं l अनिष्ट और अशुभ फल देते हैं l नक्षत्रों का चित्रण एक दैत्यों, रक्तरंजित तलवार, मुर्दे की खोपड़ी एवं हड्डियो इसे मृत्यु का दर्शाता हैं और बीसवीं शताब्दी के विश्व युद्ध को दर्शाता हैं मानव बलि लेने वाले देवता के अधीन हैं l 

          चन्द्र ग्रहण और सूर्य ग्रहण दोनों ही पंद्रह दिनों बीच है जहां पर ग्रहण दिखाई देगा और वहां के राजा को कष्ट उठाना पड़ सकता है l यह हिन्दू शास्त्रों में कहा गया है l कोई भी ग्रहण आरम्भ होने से तीन दिन पहले कोई शुभ कार्य वर्जित होता हैं और ग्रहण दिखाई देने के बाद तीन दिनों तक शुभ कार्य वर्जित माना गया है l किसी भी देश में ग्रहण दिखाई देगा तो उसका प्रभाव छह महीने तक दिखाई देता हैं  l जिस राशि और जन्म कुण्डली चंद्रमा स्थित है और उसमें पूर्वा भाद्र पद और उत्तराभाद्रपदा नक्षत्र स्थित हैं सिंह और मीन राशि वालों को ध्यान रखना चाहिए l 

      सूर्य ग्रहण का प्रारम्भ समय = 14 बजकर 21 मिनट 

              खण्डग्रास  सूर्य ग्रहण =14 बजकर 21 मध्य मिनट 

                              परम ग्रास 16 बजकर 17  मिनट 

           ग्रहण समाप्ति समय  =  18 बजकर 14 मिनट ग्रहण 

  लाल रंग चन्द्र = सूर्य अपने उग्र रूप में ग्रहण जो कि राजा और मंत्री को समस्या होगी l बीमारी का समावेश होगा l मानसिक रूप से ग्रसित होने से खुदकुसी होने की संभावना है हृदय रोग, कोई पुरानी बीमारी दुबारा से हो सकती हैं l वायु और जल की संभावना है l अमेरिका पूर्वी भाग और दक्षिण भाग को अधिक प्रभाव शाली है और मुद्रा स्थिति में गिरावट आएगी और शेयर बाजार में भारी गिरावट आ जाएगी l जो कि देशों में हलचल मच जाएगी l युद्ध होना निश्चित है l जनता को परेशानी आ जाएगी l 

Thursday, March 6, 2025

14 मार्च 2025 खग्रास चन्द्र ग्रहण ( 14 मार्च 2025 )



             हमारे सौर मंडल में सूर्य एक ग्रह की जिस के इर्द गिर्द सभी ग्रह और तारे घूमते हैं।सूर्य का गुरुतवाकर्षण होता है।पृथ्वी उसके इर्द गिर्द चक्कर काटती है।चन्द्र भी पृथ्वी इर्द गिर्द घूमता है।चन्द्रमा जब आकाश में घूमते हुए पृथ्वी की छाया वाले मार्ग से गुजरता है,तब चन्द्र ग्रहण होता है।ऐसा तभी होता हैकि जब सूर्य,चन्द्र और पृथ्वी तीनो एक सीधी रेखा में आ जाते है।चन्द्रमा की कक्षा क्रांति तल पर लगभग 5° का कोण बनाती हैं।

इस विक्रम संवत 2081 में भूमण्डल पर चार ग्रहण घटित होने जा रहे हैं।यह ग्रहण निम्नलिखित है:-   

 1. दो चन्द्र ग्रहण 2. दो सूर्य ग्रहण होंगे। 

   1.प्रथम खग्रास चन्द्र ग्रहण ( 18 -9- 2024)    

  2.कँकणाकृति सूर्य ग्रहण (2/ 3 -10-2024) 

 3. खण्डग्रास चन्द्र ग्रहण (14-3- 2025) 

 4.खग्रास सूर्य ग्रहण ( 29 -3-2025)




                    खग्रास चन्द्र ग्रहण ( 14 मार्च 2025 ) यह खग्रास चन्द्र ग्रहण फाल्गुन मास पूर्णिमा, शुक्रवार के दिन प्रातः: 10 बजकर 40 मिनट से दोपहर दो बजकर 18 मिनट तक रहेगा l   

              चन्द्र ग्रहण का प्रारम्भ समय = 10 बजकर 40 मिनट

                           खग्रास चन्द्र ग्रहण =11 बजकर 56 मिनट 

                              परम ग्रास =.       12 बजकर 29 मिनट  

            खग्रास ग्रहण समाप्ति समय  =  13 बजकर 01 मिनट

                       ग्रहण समाप्त समय =   14 बजकर 18 मिनट   

                        कुल समय = 1 घंटा - 05 मिनट  

    लाल रंग चन्द्र ग्रहण जो कि राजा और मंत्री को समस्या होगी l बीमारी का समावेश होगा l मानसिक रूप से ग्रसित होने से खुदकुसी होने की संभावना है हृदय रोग, कोई पुरानी बीमारी दुबारा से हो सकती हैं l वायु और जल की संभावना है l 

   भारतवर्ष में खग्रास चन्द्र ग्रहण दिखाई नहीं देगा l            

 यह चन्द्र ग्रहण यूरोप, आस्ट्रेलिया, अफ्रीका, उत्तरी अमेरिका और दक्षिण अमेरिका, प्रशान्त एटलांटिक, आर्कटिक महासागर, पूर्वी एशिया और अंटार्टिका में देखा जा सकता हैं l  मुख्य रूप शहरों में शिकागो, न्यूयॉर्क, मांट्रियल, लॉस एंजिल्स, वाशिंगटन, मेक्सिको, चिली और ब्राज़ील में दिखाई देगा l  

 यूरोप के मुख्य शहरों में दिखाई देगा ब्रिटेन, इटली, फ्रांस, जर्मनी, आयरलैंड, पुर्तगाल, स्पेन चन्द्रास्त  के समय दिखाई देगा l  

  आस्ट्रेलिया के मुख्य शहरों में मेलबर्न, सिडनी, पूर्वी एशिया, जापान, दक्षिण कोरिया, फिजी में जा सकता हैं l  

      चन्द्र ग्रहण का कुल समय एक घंटा 05 मिनट तक चल परम ग्रास 12 बजकर 29 मिनट पर है और ग्रहण का समापन दोपहर दो बजकर 18 मिनट तक है l          

यह ग्रहण सूर्य और शनि कुम्भ राशि में स्थित हैं और चंद्रमा सिंह राशि में स्थित हैं l राहु, वक्री शुक्र और बुध मीन राशि में स्थित हैं l मंगल मिथुन राशि में स्थित हैं और बृहस्पति वृष राशि में गोचर कर रहे हैं l दो ग्रह उत्तर भाद्रपद नक्षत्र में स्थित और तीन ग्रह पूर्वभाद्रपद नक्षत्र में स्थित हैं l शनि की राशि में सूर्य और शनि स्थित हैं l प्राचीन ऋषियों के मतानुसार पूर्वभाद्रपद नक्षत्र को शय्या के अगले पांव और उत्तराभाद्रपद नक्षत्र के पिछले पाँव माना जाता हैं l पूर्वाभाद्रपद नक्षत्र की प्रतीक तलवार काम, अंहकार, सत्ता और धन का नाश माना जाता हैं l पूर्वाभाद्रपद नक्षत्र के देवता अज एक-पाद है जो कि एक पैर बकरा हैं और अन्तिम अवस्था को प्रलयकारी शिव, रौद्र रूप से तांडव नृत्य करते हैं l क्रूर, पिचाश को दर्शाता हैं l  विश्व युद्ध होने वाली हैं l

ON FEBRUARY 17, 2026 ANNULAR SOLAR ECLIPSE WILL BE AQUARIUS ZODIAC

                                          An Annular Solar Eclipse will be occur on February 17, 2026                   On a New Moon ...